बाल-विवाह कानूनन अपराध है
(एक बालिका का निवेदन: अपने पिता से)
बापू बचपन में शादी जनि रचावा हमरी |
हो ! रचावा हमरी ,हो! रचावा हमरी||---बापू --
विद्या ज्ञान से महकी आपन घर आँगन और कूल |
सोना-चांदी सी जिनिगिया जनि लुटावा हमरी ||---बापू --
शादी ब्याह के बन्धन में अबहीं ना हमके बाँधा |
शादी खुशहाली से बढ़कर ना जानी कुछ ज्यादा |
नाहीं जिनिगिया माटी मा, मिलावा हमरी ||---बापू --
बाल-विवाह सुना हे बापू कानूनन अपराध |
यहि के चक्कर में परिके हो जइबा तू बरबाद|
कहते ''आज़ाद '' माना ई कहनवा हमरी ||---बापू
कहते ''आज़ाद '' माना ई कहनवा हमरी ||---बापू


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