कलाम को सलाम
ऐ कलाम ! तुझको सलाम ,तुम भारत के सच्चे कलाम |
जयघोष कर रहे धरा गगन जय ए.पी.जे.अब्दुल कलाम || ऐ कलाम...
जयघोष कर रहे धरा गगन जय ए.पी.जे.अब्दुल कलाम || ऐ कलाम...
तुम भारत के सच्चे सपूत , मानवता के सच्चे प्रहरी ,
विज्ञान विधाता, कर्मवीर. है कोटि-कोटि तुझको प्रणाम |
जग हँसा मगर तुम मुस्काए ,इसलिए सभी को तुम भाए |
तुम छोड़ चले इस दुनिया को रो रही यहाँ सारी अवाम || ऐ कलाम...
विज्ञान विधाता, कर्मवीर. है कोटि-कोटि तुझको प्रणाम |
जग हँसा मगर तुम मुस्काए ,इसलिए सभी को तुम भाए |
तुम छोड़ चले इस दुनिया को रो रही यहाँ सारी अवाम || ऐ कलाम...
वह तमिलनाडु की भूमि धन्य जिसने ऐसा सपूत जाया |
उन मात-पिता को अभिनन्दन जिस आंचल की पाई छाया |
तुम अभियंता,तुम विज्ञानी , मानवता के तुम सैनानी .
तुमने ही परचम लहराया अन्तरिक्ष जगत में किया नाम || ऐ कलाम...
उन मात-पिता को अभिनन्दन जिस आंचल की पाई छाया |
तुम अभियंता,तुम विज्ञानी , मानवता के तुम सैनानी .
तुमने ही परचम लहराया अन्तरिक्ष जगत में किया नाम || ऐ कलाम...
अग्नि, रोहिणी और पृथ्वी से भारत को चमकाया |
जिसे देखकर शत्रु अचम्भित,कुछ सहमा कुछ सकुचाया |
बच्चों और युवाओं के प्रेरणास्रोत बनकर आये |
आँखों में है नीर लिए जग करता है तुमको सलाम || ऐ कलाम...
जिसे देखकर शत्रु अचम्भित,कुछ सहमा कुछ सकुचाया |
बच्चों और युवाओं के प्रेरणास्रोत बनकर आये |
आँखों में है नीर लिए जग करता है तुमको सलाम || ऐ कलाम...
तुम चले गए पर छोड़ गये अनुपम पद -चिह्नों के निशान |
हे !'भारतरत्न 'और 'पद्म्विभूषण 'तुमसे है भारत की शान |
विज्ञान उपासक,ज्ञान्देवता ,गीता और कुरान उपासक ,
मानवता के संवाहक 'आज़ाद 'तुम्हे शत-शत प्रणाम || ऐ कलाम...

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