करगिल के शहीदों की याद में ......
दे रही है विदा अश्रु से धरती माँ ,
ओढ़कर चल दिए जब कफ़न नौजवां |
रक्त -रंजित धरा के उरोजों में वे ,
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टेक मस्तक सदा सो गए नौजवां ||
खिलखिलाती चहकती हुई धूप सी ,
दिख रही है मलिन सर झुकाए हुए |
चन्द्रमा रो रहा सूर्य उदास है ,
झुक गया है नमन वास्ते आसमां ||
खुश रहो तुम सदा तुम मेरे लाडले ,
प्राण अर्पण किया देश के वास्ते |
देते आशीष कहने लगी धरती माँ ,
जब गुजरने लगा पास से कारवां ||
याद रखेगा तुमको जमाना सदा ,
तुमने जुल्मों सितम को सहा खेलकर |
मुल्क 'आजाद' तुमने तो कर ही दिया ,
नाम सदियों तक गायेगा सारा जहाँ ||


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