जो खोया वो पाया
जो खोया वो पाया
पीछे मुड़ मुडकर मत देखो जीवन साथी ,
जीवन डगर बहुत लम्बी है आगे देखो |
बीते पल की मधुर मनोहर मोहक बातें ,
उन्हें भूलकर नए प्रभात का स्वागत कर लो |
जो अपना है कभी नहीं वह जा सकता है ,
सदा तुम्हारी यादों में वह ही रहता है |
लाख कोशिशें कर लो उसे रोकने की तुम ,
जो नहीं तुम्हारा कभी नहीं वह रुक सकता है |
जीवन में कुछ खोकर ही पा सकते हो,
तभी तुम्हें खालीपन का एहसास चलेगा |
उस खालीपन की भरपाई के खातिर ही ,
फिर से संचय का तुम में विश्वास जागेगा |
जीवन तट को अश्रु की लहरें सदा भिगोती ,
फिर भी उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है
अश्रु थपेड़े आक्रामक क्यों न हो जाएँ ?
जीवन तट को सदा सहन करना पड़ता है |
रत्ती -रत्ती तोला-तोला सभी गवां दो ,
तब तो तुमको सब कुछ ही मिल जायेगा |
नहीं पड़ेगा कभी तुम्हें फिर से पछताना ,
जीवन जनम सुफल तुम्हारा हो जायेगा |

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