हक़ और हकीकत
हक़ और हक़ीक़त
हक़ और क्या हक़ीकत है ,
 |
| Add caption |
आज कल के ज़माने में |
देखा है कतल होते ,
सरेआम आज थाने में |
अश्कों की नहीं कीमत ,
पैसों के खजाने में |
दुश्मन भी बने साथी ,
पैसे को दिखने में |
दिल जलता जलाता है ,
जलने व जलाने में |
हैरत है इन अश्कों को ,
आँखों से बहाने में |
 |
| Add caption |
No comments:
Post a Comment