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Friday, January 1, 2016

वह देश हमारा भारत है

वह देश हमारा भारत है

जिस देश की माटी की खुशबू से सुरभित यह बचपन है|
वह देश हमारा  भारत है जिसे  शत शत बार नमन है ||

जहाँ नदियों में पानी अमृत बन सबको जीवन  देता है |
जहाँ परबत सीना तान खड़ा सीमा  पर  पहरा देता है |
जिसके चरण चूमने आतुर  नतमस्तक  हुआ गगन है ||

जहाँ  ऋषि-मुनी , साधू-संतों  की वाणी  में अमृत है |
जिसके उपदेशों की  मिठास जैसे  शक्कर  में घृत है |
जिसके कारण  उनका  स्वागत  होता  अभिनन्दन है ||

जहाँ सत्य,अहिंसा संबल है तो ऐक्य सभी का बल है |
जहाँ क्षमा, दया, करुणा जैसे गंगा-युमना का जल है |
जिसके कीर्ति विजय की गाथा शीतल मलय पवन है ||

जहाँ धर्म धर्म से बातें करते नहीं अधर्म  कोई हैं सहते |
जहाँ गीता और कुरान परस्पर मानवता के पुतले गढ़ते |
जिसके मंदिर ,मस्जिद ,गुरूद्वारे  गाते  गीत भजन हैं ||

जहाँ उपवन में खुशहाली है तो  खेतों में  हरियाली है |
जहाँ प्रकृति भी परिधान पहन दिखती बहु रंगोवाली है |
जिसकी  सुन्दरता को  लखकर  कोयल हुई  मगन है ||

जहाँ ऊषा अभिनन्दन करती है ,नित्य लालिमापन से |
जहाँ सूरज का सम्बन्ध  जुड़ा है लोगों  के जीवन से |
जिसकी महक से पूरित  होकर  हँसते  धरा-गगन हैं ||

जहाँ उगलती सोना-चांदी ऐसी यहाँ  की माटी है |
जहाँ चाँद को चंदा मामा कहने की  परिपाटी है |
ऐसा देश जो सकल विश्व का छूता अन्तःमन है ||




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