Followers

Tuesday, October 6, 2015

सच कहता हूँ

सच कहता हूँ -------

फिकर नहीं होती है जिनको ,जीने और मर जाने की |
फिकर नहीं होती है जिनको, कुछ खोने कुछ पाने की |
नहीं कभी ऐसे जन मुश्किल में घबराया करते हैं ||
सच कहता हूँ ऐसे जन इतिहास बनाया करते हैं ||
*************************************
जो समाज के ताने सुनकर भी परवाह नहीं करते हैं |
जो समाज के ठेकेदारों से भी तनिक नहीं डरते हैं |
वे समाज से एक दिवस स्वागत करवाया करते हैं ||
सच कहता हूँ ऐसे जन इतिहास बनाया करते हैं ||
*************************************
कलम नहीं जिनकी रूकती है दहशत के औजारों से |
पर्दाफाश किया करते हैं अपने सत्य विचारों से |
वे समाज के प्रेरक बन सब दिल पर छाया करते हैं ||
सच कहता हूँ ऐसे जन इतिहास बनाया करते हैं ||
*************************************
जो पर सेवा में अपना तन ,मन ,धन अर्पित करते हैं |
अत्याचार, अन्याय के आगे कभी नहीं जो झुकते हैं |
ऐसे जन की गौरव गाथा कविगण गाया करते हैं ||
सच कहता हूँ ऐसे जन इतिहास बनाया करते हैं ||
*************************************
शोषित और उपेक्षित जन की जो लाठी बन जाते हैं |
निंदा और प्रशंसा को जो हँसकर गले लगाते हैं |
अपने जीवन के इक पल को कभी न जाया करते हैं ||
सच कहता हूँ ऐसे जन इतिहास बनाया करते हैं ||
*************************************
विपदाओं सम परबत भी जिनके सम्मुख शर्माते हैं |
जिन्हें देख भय के सागर भी हाथ मीज पछताते हैं |
वे सत्य अहिंसा और शांति के पुष्प खिलाया करते हैं ||
सच कहता हूँ ऐसे जन इतिहास बनाया करते हैं ||
*************************************






No comments: