एक गीत : आपके लिए
दर्द अपने चाहते हो यदि छिपाना |
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आइना जैसे था वैसे आज भी है |
हो गया है तो ये चेहरा पुराना ||
आपने अपने को ही जाना न समझा ,
बस यही कहते रहे दुश्मन जमाना ||
दर्द आँखों में तुम्हारे दिख रहा है |
और करते आप हँसने का बहाना ||
जिन्दगी तन्हां नहीं कट पाएगी |
दोस्त तुमको तो पड़ेगा ही बनाना |
चाहते आज़ाद तुम गम को भागना ,
गीत कोई सीखिए तुम गुनगुनाना ||


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