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Sunday, August 16, 2015

एक गीत : आपके लिए


एक गीत : आपके लिए


दर्द अपने चाहते हो यदि छिपाना |

सबसे पहले सीखिए तुम मुस्कराना ||

आइना जैसे था वैसे आज भी है |
हो गया है तो ये चेहरा पुराना ||

आपने अपने को ही जाना न समझा ,
बस यही कहते रहे दुश्मन जमाना ||

दर्द आँखों में तुम्हारे दिख रहा है |
और करते आप हँसने का बहाना ||

जिन्दगी तन्हां नहीं कट पाएगी |
दोस्त तुमको तो पड़ेगा ही बनाना |

चाहते आज़ाद तुम गम को भागना ,
गीत कोई सीखिए तुम गुनगुनाना ||




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