वतन के वास्ते
वतन के वास्ते सर अपना कटाना होगा ||****************************
लगी है जंग जो शमसीर और ढालों पर ,
अब उन्हें फिर से माज करके चमकाना होगा ||
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नेक लगते नहीं अब उनके इरादे शायद ,
उनके माफिक सबक अब हमको सिखाना होगा ||
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धर्म के नाम पर जेहाद जो चलाते हैं ,
अब उन्हें धर्म की परिभाषा समझाना होगा ||
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कदम बहके हैं जिनकी मंजिलों की राहों से ,
अब उन्हें एकता की राह में लाना होगा ||
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कसम 'आजाद' की इस मातृभूमि के खातिर ,
हर एक शख्स को अब सामने आना होगा ||

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