श्याम सलोने से-------
हम उसको भाते हैं ,वह हमको भाता है ||------
ग्वाल-बाल संग मिलकर,वह माखन खूब चुराए||
खुद खाए और ग्वालों को भी ,माखन खूब खिलाये ||
हम उसको खिलाते हैं ,वह हमको खिलाता है || -------
यमुना तट पर वह जब संग खेलने आये |
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हम उसे चिढ़ाते हैं, वह हमें चिढ़ाता है ||--------
थोड़ी -सी दहिया के खातिर, गोपी उसे नचावे |
वह हँसकर मुस्काकर, उसके मन को लुभावे ||
वह उसे नचाती है ,वह उसको नचाता है ||-------
मधुवन में गायों को लेकर, उन्हें चराने जावे |
बैठ कुञ्ज की छांवन में, बंशी मधुर बजावे ||
हम उसे सताते हैं ,वह हमें सताता है ||-------
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