समझौता
समझौता सचमुच में कायरता की एक निशानी है |
समझौते पर
अमल न करना बहुत बड़ी नादानी है |
ऐसे समझौते
को समझौता कहना बेईमानी है|
जिसकी
शत्रु उड़ाए खिल्ली और करे मनमानी है ||
वासुदेव
समझौता लेकर कौरवराज के पास गए |
समझौते को
कमजोरी कह कौरव सब अट्टहास किये |
अर्ध राज्य
पाण्डव को दे दें जब ऐसा प्रस्ताव दिया |
अभिमानी
दुर्योधन ने तो सभा में ही परिहास किया ||
पाँच गाँव लेकर भी पांडव समझौते पर राजी हैं |
शेष राज्य पर राज करो उनको न कोई नाराजी है |
इस कुरुवंश में तुम सबका भाई-भाई का नाता है |
पाँच गाँव से हे दुर्योधन ! भला बता क्या जाता है?
राज्य कोई है भीख नहीं जो भिक्षा में उनको दूँ
|
ऐसे कायर भिक्षुक को अपना भाई कैसे कह दूँ |
बिना युद्ध के नहीं सूचिका भर भी भूमि उन्हें दूँगा |
ऐसे समझौते को माधव ! नहीं कभी सहमति दूँगा ||
समझौते की कदर न करना पाकिस्तान को भाता है |
इसीलिए दुर्योधन बन वह सबकी हँसी उड़ाता है |
भारत रथ की पकड़ डोर माधव बनकर आना होगा |
अर्जुन बन नापाक पाक को सबक सिखाना ही होगा ||
धृतराष्ट्र सम अन्धा वह पाक वज़ीर कुचाली है |
उसकी आतंकवाद के आगे दाल न गलने वाली है |
आतंकवाद के साये में ही साँस ले रहा बेचारा |
उनके कुछ खिलाफ कहने से जान से जाएगा मारा ||
इसीलिए अब पाक वार्ता करना ही बेकार है |
आतंवादियों के आगे वह
बेबस और लाचार है |
जो होता है हो जाने दो फिकर नहीं करना होगा |
ऐसे क्रूर कुकर्मी को तो कर्म-दण्ड सहना होगा ||
कवि एवं साहित्यकार - राम चंदर 'आजाद'
ज.न.वि. पचपहाड़ ,जिला- झालावाड़ (राज.)
मोबा.9414750971









