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Saturday, October 22, 2016

दीपावली के दीप

   दीपावली के दीप
Image result for diwali deepak imageदीप ऐसे जलाएं दिवाली में हम,
खुशियों से यह धरा जगमगाने लगे |
कोई कोने व अंतरे न बाकी रहें,
प्यार आँखों से ही छलछलाने लगे ||

चाँदनी की ज़रूरत निशा को न हो,
और धरा स्वर्ग के आशियाने से हो |
कूचे गलियों में भी ऐसी रौनक दिखे,
गीत खुशियों के सब गुनगुनाने लगें ||

हर रकम के सुमन सम दीये की चमक,
देख तारों का दल फुसफुसाने लगे |
देखिये वह धरा पर कोई अपना-सा,
ऐसा कह-कह के वो मुस्कराने लगें ||

चहुँ दिशाओं  में ऐसे पटाखे फुटें,
बादलों को जिन्हें देख अचरज लगे |
ये धरा पर भला किस तरह का जशन,
कोई हमको नहीं तो बुलाने लगे ||

रोशनी में नहायें सभी के भवन,
और परिधान धारण किये हो नए |
ये अगर-धुप की खुशबू के साथ में,
सब निशा की गमक को बढ़ाने लगें ||

रातरानी व चम्पा चमेली सभी,
अपने अपने महक से सुशोभित करें |
आज दीपावली के स्वागत में मिल,

प्रेम सबके दिलों में जगाने लगें ||

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