जीवन इक यात्रा है। बस चलते ही जाना है।।
जो भी आज यहां पर हैं उन्हें कल कहीं जाना है।।
कुछ सपने टूटेंगे, कुछ रिश्ते टूटेंगे।
कुछ हमसे रूठेंगे, कुछ से हम रूठेंगे।।
कुछ सपने रिश्तों को संग में लिए जाना है।।
जीवन में आशा संग, थोड़ी सी निराशा है।
आशा व निराशा ही जीवन परिभाषा है।।
आशा व निराशा को कुछ रंग से सजाना है।।
जीवन की यात्रा में जब कोई नया आए।
तब नए पुराने में मन उलझ के रह जाए।।
फिर नए पुरानों में इक रिश्ता बनाना है।।
कवि एवम् साहित्यकार- रमचंदर आज़ाद


