Followers

Tuesday, July 4, 2017

आज के नेता

       आज के नेता

ये चुनावी गीत है जी आप भी तो गाइए |
वोट हमें दीजिए और हमीं को जिताइए ||
¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯
हम तुम्हारे हमदर्द व हम तुम्हारे सिरदर्द |
दर्द की दवा तो तुम  हमीं से ले जाइए ||
¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯
रूपये ले लीजिये या कम्बल वसन लीजिये |
वोट देकर ये हिसाब जल्दी  से चुकाइए  ||
¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯
घर तो हम बनायेंगे ही सड़क भी बनायेंगे |
टोल टेक्स देकर मोटर खूब तुम चलाइये ||
¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯
सतयुग, द्वापर व् त्रेता में तो हमीं रहे |
कलयुग में अब हमसे नज़र ना चुराइए ||
¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯
सपा में भी हमीं हैं और बसपा में हमीं हैं |
  भाजपा में  हमीं  फिर जनि  सकुचाइये ||
¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯¯
तुम तो ‘आजाद’ जी हो हमरी बिरादरी के |
कुछ तो बिरादरी का फ़र्ज़ अब निभाइए ||


No comments: